नई दिल्ली, 06 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई ऐसी कई पोस्ट को हटाने का आदेश दिया, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार किया गया था। इन पोस्ट में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को शराब विक्रेता, फेरीवाले और डिलीवरी एजेंट के रूप में दिखाया गया था।
जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इन पोस्ट को तुरंत हटाने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक पद पर रहने वाले व्यक्ति की अधिक बारीकी से
जांच हो सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति की गरिमा से समझौता नहीं किया जा
सकता। हाई कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि इन पोस्ट में मुख्यमंत्री को
कथित “हर हर रेखा या घर घर ठेका” योजना के प्रमुख के रूप में दिखाया गया
था। कोर्ट ने कहा कि एआई से बने ये वीडियो और पोस्ट न केवल मानहानि करने वाले और आपत्तिजनक हैं, बल्कि ये संवैधानिक पद पर आसीन एक महिला की गरिमा पर भी प्रहार करते हैं।
हाई कोर्ट ने ये एकतरफा आदेश मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से दायर
मानहानि के मुकदमे पर पारित किया गया था। रेखा गुप्ता ने याचिका में कहा
था कि आम आदमी पार्टी द्वारा प्रचारित किए गए एआई जनित वीडियो और
तस्वीरें मानहानि करने वाले, अश्लील और आपत्तिजनक हैं, जिनमें उन्हें
शराब बेचने वाली और डिलीवरी एजेंट के रूप में दिखाया गया है। रेखा गुप्ता
ने कहा है कि यह सामग्री राजनीतिक व्यंग्य की स्वीकार्य सीमाओं को पार कर
गई है, जिससे उनकी गरिमा और नैतिक चरित्र को ठेस पहुंची है और इससे
अपूरणीय क्षति हो सकती है।