उच्च पीपीएम के कारण विद्युत उत्पादन में हो रही कमी, यूपीसीएल ने की उपभोक्ताओं से सहयोग एवं धैर्य बनाए रखने की अपील

देहरादून। 31 जुलाई, 2026 को सायं 19:30 बजे से 01 अगस्त, 2026 को प्रातः 01:10 बजे तक विद्युत उत्पादन इकाइयों में आकस्मिक तकनीकी व्यवधान के कारण की गई रोस्टरिंग के फलस्वरूप प्रदेश के विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को सीमित अवधि के लिए विद्युत रोस्टरिंग का सामना करना पड़ा।

रोस्टरिंग की आवश्यकता विद्युत उत्पादन में अचानक आई कमी, नदियों में अचानक अत्यधिक सिल्ट के प्रवाह के कारण उत्पन्न हुई थी। इस दौरान एपीएल रायगढ़ (350 मेगावाट) इकाई में स्टीम लीकेज, व्यासी जलविद्युत परियोजना (120 मेगावाट) में उच्च PPM तथा चिल्ला जलविद्युत परियोजना (88 मेगावाट) में उच्च PPM के कारण लगभग 560 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता आकस्मिक रूप से उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में विद्युत मांग एवं उपलब्धता के मध्य असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई।

इस अवधि के दौरान निगम द्वारा विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने हेतु ऊर्जा एक्सचेंजों से अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध करने के व्यापक प्रयास किए गए। तथापि, ऊर्जा एक्सचेंजों में विद्युत की सीमित उपलब्धता के कारण आवश्यकतानुसार विद्युत उपलब्धता किया जाना संभव नहीं हो सका। परिणामस्वरूप, ग्रिड की सुरक्षा एवं विद्युत व्यवस्था के संतुलित संचालन को बनाए रखने के उद्देश्य से रोस्टरिंग लागू करना आवश्यक हो गया।

उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) अपने समस्त सम्मानित विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं यथासंभव 24×7 निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। तथापि, विद्युत उत्पादन एवं आपूर्ति प्रणाली में उत्पन्न होने वाले अप्रत्याशित तकनीकी अथवा प्राकृतिक कारणों से कभी-कभी ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो जाती हैं, जिनके कारण विद्युत उपलब्धता प्रभावित होती है और विद्युत व्यवस्था के सुरक्षित एवं संतुलित संचालन हेतु सीमित अवधि के लिए रोस्टरिंग लागू करना अपरिहार्य हो जाता है। निगम द्वारा ऐसी परिस्थितियों में भी विद्युत आपूर्ति को यथाशीघ्र सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाते हैं। इस पृष्ठभूमि में उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड अपने सभी सम्मानित उपभोक्ताओं से सहयोग एवं धैर्य बनाए रखने की विनम्र अपील करता है।

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