नई टिहरी, 05 नवंबर (हि.स.)। प्राकृतिक आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन की प्रक्रिया में नोटिस के बावजूद जवाब नहीं देने वाले परिवारों को अब इस प्रक्रिया से बाहर किया जाएगा। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने घनसाली और प्रतापनगर तहसील के आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिए।
उन्होंने बेलुंदा गांव में विस्थापन के लिए भूमि अनुपयुक्त पाए जाने के मामले में भी ग्रामीणों के साथ बैठक कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में एसडीएम मंजू राजपूत ने बताया कि मंडू-सिंधवाल गांव के कुल 25 प्रभावित परिवारों में से 19 को पहली किस्त और दो परिवारों को दूसरी किस्त का भुगतान किया जा चुका है। वहीं, चार परिवारों की पत्रावलियां स्वीकृति के लिए जिला कार्यालय भेजी गई हैं।
उन्होंने बताया कि महरगांव तल्ला, गंगेरी उर्फ पनेली और सिंधवाल गांव के कुछ परिवारों को तीन बार नोटिस देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला है। इस पर डीएम ने संबंधित परिवारों को विस्थापन प्रक्रिया से बाहर करने के निर्देश दिए। वहीं, प्रतापनगर तहसील क्षेत्र के बेलुंदा गांव में विस्थापन के लिए चिह्नित भूमि उपयुक्त नहीं पाए जाने पर तहसीलदार को ग्रामीणों के साथ बैठक कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा। बैठक में एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी, भूवैज्ञानिक रवि नेगी, तहसीलदार हरीश जोशी आदि मौजूद रहे