ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच पूरी

चमोली, 01 नवंबर (हि.स.)। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद चमोली में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शनिवार को ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप मशीनों की जांच की गई, पूरी प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे और उन्होंने जांच कार्य का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार ने शनिवार को ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण कर एफएलसी कार्यों का जायजा लिया व संबंधित अधिकारियों एवं इंजीनियरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच अनिवार्य रूप से कराई जाती है। निर्वाचन प्रक्रिया में केवल एफएलसी में सफल एवं प्रमाणित मशीनों का ही उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि जनपद में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए सभी मशीनों की जांच निर्धारित तकनीकी मानकों एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप कराई गई है।

जनपद के कुल 633 मतदान केंद्रों के लिए 1,130 बैलेट यूनिट (बीयू), 1,250 कंट्रोल यूनिट (सीयू) एवं 1,294 वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच सफलतापूर्वक पूरी की गई है।

एफएलसी के उपरांत मशीनों की कार्यक्षमता एवं तकनीकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आगामी 1 एवं 2 नवंबर 2026 को मॉकपोल कराया जाएगा। यह प्रक्रिया मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में रेंडमली चयनित मशीनों पर संपन्न होगी। इसके लिए कुल मशीनों में से 5 प्रतिशत मशीनों का चयन किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चयनित मशीनों में से 1 प्रतिशत मशीनों पर 1,200 वोट, 2 प्रतिशत मशीनों पर 1,000 वोट तथा शेष 2 प्रतिशत मशीनों पर 500 वोट डालकर मॉकपोल किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से मशीनों की कार्यक्षमता, मतों की रिकॉर्डिंग एवं वीवीपैट की तकनीकी विश्वसनीयता का परीक्षण किया जाएगा।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे मॉकपोल की प्रक्रिया में अपने अधिकृत प्रतिनिधियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए राजनीतिक दलों की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

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