एमडी ध्यानी ने मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में पिटकुल द्वारा किये गये कार्यों एवं उपलब्धियों पर सीएम का किया धन्यवाद

देहरादून। उत्तराखण्ड के ऊर्जावान एवं यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री के रूप में ‘‘दो साल बेमिसाल’’ के अन्तर्गत पिटकुल की उपलब्धियों की समीक्षा एवं आभार।
उत्तराखण्ड के ऊर्जावान एवं यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री के रूप में (पूर्व एवं वर्तमान में) दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘‘दो साल बेमिसाल’’ के अन्तर्गत पिटकुल की विगत दो वर्षों की उपलब्धियों पर प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी के समक्ष पिटकुल के समस्त विभागों द्वारा अपनी उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी द्वारा मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री के रूप में दो वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश में किये जा रहे विकास कार्यों के साथ-साथ उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत पिटकुल द्वारा विगत दो वर्षों में किये गये विशेष कार्यों एवं उपलब्धियों पर भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुये धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।
प्रबन्ध निदेशक द्वारा मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड एस0एस0 सन्धू, अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्षा, पिटकुल राधा रतूड़ी एवं सचिव (ऊर्जा) मीनाक्षी सुन्दरम साहब के पिटकुल की उपलब्धियों में विशेष योगदान के लिये आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पिटकुल के विभिन्न विभागों द्वारा अपनी उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया जिसमें पिटकुल की निम्नलिखित अति उल्लेखनीय उपलब्धियों पर चर्चा की गयी जिनमे पिटकुल की विद्युत पारेषण उपलब्धता 99.55 प्रतिशत (वर्ष 2021) से बढकर 99.67 प्रतिशत (वर्ष 2023) एवं पारेषण हानियाँ 1.01 प्रतिशत (वर्ष 2021) से घटकर 0.97 प्रतिशत (वर्ष 2023) रही, पिटकुल की क्रेडिट रेटिंग विगत दो वर्षों में A+ से बढ़कर A++ हुई है, जिसके उपरान्त पिटकुल द्वारा विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेेने पर 0.5 प्रतिशत कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध हो सकेगा जिससे प्रदेश के सम्मानित विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत टैरिफ में लाभ प्राप्त होगा। 220 केवी व्यासी-देहरादून लाईन (लागत रू0 136 करोड़) दि0 13.04.2022 को ऊर्जीकृत की गयी जिसका लोकापर्ण मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड़ के कर कमलों द्वारा किया गया। भारतीय रेलवे के लिए टैªक्शन सब-स्टेशन रूद्रपुर को बिजली उपलब्ध कराने हेतु 220 के0वी0 जाफरपुर -टी0एस0एस0 रूद्रपुर रेलवे पारेषण लाईन को निर्धारित अवधि के अन्तर्गत ऊर्जीकृत किया गया। उक्त पारेषण लाईन के माध्यम से रूद्रपुर ट्रैक्शन सब-स्टेशन को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
132 के0वी0 लोहाघाट- पिथौरागढ़ पारेषण लाईन को ऊर्जीकृत किया गया जिससे जिला चम्पावत में बिजली की निर्बाध एवं गुणवत्तायुक्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। प्रस्तावित 220 के0वी0 उपकेन्द्र मंगलौर, रूड़की का शिलान्यास महामहिम राष्ट्रपति, भारत के कर-कमलों द्वारा किया गया। 132 केवी उपसंस्थान, पदार्था को ऊर्जीकृत किया गया। उपसंस्थान एवं सम्बन्धित लाईन का लोकार्पण राष्ट्रपति भारत के कर कमलों द्वारा किया गया। भण्डार केन्द्रों में रू0 3.38 करोड़ (रू0 तीन करोड़ अड़तीस लाख) की निष्प्रयोज्य सामग्री को एम0एस0टी0सी0 के माध्यम से नीलाम कर विभाग के लिए अतिरिक्त आय अर्जित की गयी। वर्ष 2021-22 मंे पिटकुल द्वारा रू0 57.93 करोड (रू0 सत्तावन करोड़ तिरानबे लाख मात्र) (कर चुकाने के उपरान्त) का लाभ अर्जित किया गया तथा लाभांश के रूप में राज्य सरकार को रू0 05 करोड़ की धनराशि प्रदान की गयी। 92 पदों पर नियुक्ति एवं 96 कार्मिकों की पदोन्नतियाँ की गयी तथा कोविड टीकाकरण शिविर, निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। कार्मिकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु ‘‘विधि, वित्त एवं एच0आर0 – आपके द्वार’’ से एक नयी व्यवस्था विभाग में विकसित की गयी है। जिससे कार्मिकों की समस्याओं के निदान हेतु विधि वित एवं मानव संसाधन के अधिकारियों के द्वारा क्षेत्रीय कार्यालयों में उपस्थित होकर त्वरित निस्तारण किया जाता है।
इसके अतिरिक्त प्रबन्ध निदेशक द्वारा निर्माणाधीन परियोजनाओं को ससमय पूर्ण करने, समस्त अधिकारियों को निरंतर विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में सर्तक रहने के निर्देश भी दिये गये।
इस अवसर पर समीक्षा बैठक में महाप्रबन्धक (वित्त) एस0के0 तोमर, मुख्य अभियन्ता कमल कान्त, जितेन्द्र चतुर्वेदी, अधीक्षण अभियन्ता पंकज चौहान, अविनाश अवस्थी, नीरज पाठक, ललित, अमित सिंह, उपमुख्य कार्मिक अधिकारी विवेकानन्द, अधिशासी अभियन्ता राजीव सिंह आदि भौतिक रूप में तथा क्षेत्रीय कार्यालयों से मुख्य अभियन्ता डी0सी0 पाण्डे, एच0एस0 हयांकी, अनुपम सिंह, अधीक्षण अभियन्ता ए0के0 सिंह, एल0एम0 बिष्ट सहित अन्य अधिकारी ऑनलाईन उपस्थित रहे।
