धौलपुर। सर्दी का मौसम शुरू होते ही पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में इंडियन स्कीमर ने अपनी दस्तक दे दी है। धौलपुर में चंबल नदी और इसके रेतीले टापू इंडियन स्कीमर के पसंदीदा ठिकाने बन चुके हैं।
राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण के डीएफओ पाटिल तेजस विष्णु ने बताया कि स्थानीय भाषा में ” पंचीरा” नाम से मशहूर यह खूबसूरत पक्षी हर साल सर्दियों की शुरुआत यानि अक्टूबर-नवंबर के महीने में धौलपुर के राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अपना डेरा डालता है। इसकी महत्ता और संरक्षण को देखते हुए राजस्थान सरकार ने इसे धौलपुर जिले का जिला पक्षी घोषित किया है। चंबल के टापू इनके कुनबा बढ़ाने के लिए सबसे सुरक्षित प्राकृतिक घर माने जाते हैं। चंबल नदी का यह क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त पर्यावरणीय और पारिस्थितिक परिस्थितियाँ प्रदान करता है। इंडियन स्कीमर एक विशिष्ट नदी-आश्रित पक्षी प्रजाति है, जो अपनी अनोखी भोजन विधि के लिए जानी जाती है। यह पक्षी उड़ते हुए पानी की सतह पर अपनी लंबी निचली चोंच से मछलियाँ पकड़ता है।
राजस्थान में इंडियन स्किमर केवल धौलपुर जिले में ही पाया जाता है, जहाँ यह चंबल नदी के रेतीले टापुओं और सैंडबार्स पर घोंसले बनाता है। राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण के डीएफओ तेजस विष्णु ने बताया कि बीते साल देश-व्यापी इंडियन स्किमर गणना कार्यक्रम के अंतर्गत धौलपुर में सफलतापूर्वक इंडियन स्किमर पक्षी गणना आयोजित की गई थी। राजघाट, अंडवा पुरैनी, डांग बसई और मोरौली जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया। गणना के दौरान कुल 51 इंडियन स्किमर दर्ज किए गए। वन विभाग द्वारा इस पक्षी के संरक्षण और जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।