स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय का आठवां दीक्षांत समारोह गरिमामय रूप से संपन्न
“डिग्री के साथ मानवता की सेवा का दायित्व भी जुड़ा है”- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा “युवा शक्ति ही उत्तराखंड और राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत”- मुख्यमंत्री धामी

देहरादून । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जॉलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में क्रमशः मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबोधन करते हुए सभी डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है।
राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड मानव संसाधन से लेकर और संरचनात्मक सभी स्तर पर बेहतर कार्य कर रहा है और केंद्र सरकार से उत्तराखंड को स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में लगातार अनुकरणीय सहयोग मिलता रहा है। उन्होंने स्वामी राम हिमालयन संस्थान के उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की सराहना की।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने शिक्षा को केवल डिग्री मात्र नहीं बल्कि आत्मज्ञान, सशक्तिकरण और परिवर्तन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य फोकस मानव सेवा और नैतिकता के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।
1001 विद्यार्थियों को डिग्रियां, CDOE का शुभारंभ
दीक्षांत समारोह में मेडिकल, एलाइड हेल्थ, नर्सिंग, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, योग विज्ञान एवं बायो-साइंसेज संकायों के 1001 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं।
