मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम बना जनसुनवाई और सेवा का प्रभावी मॉडल

horizontal 1

देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित जनसमाधान का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से सरकार सीधे जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है।

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में कुल 574 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से 12 कैंप आज आयोजित किए गए। इन कैंपों के माध्यम से अब तक 4 लाख 55 हजार 790 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की है, जबकि आज अकेले 13 हजार 489 लोगों ने कैंपों में अपनी समस्याएं, शिकायतें एवं आवेदन प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 44,602 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 30,089 शिकायतों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े मुख्यमंत्री धामी की “समाधान के साथ शासन” की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 64,155 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 2,52,334 नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया है। विशेष रूप से समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पेंशन, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं में बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को सहायता मिली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “ सरकार का दायित्व केवल नीतियां बनाना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक उसका लाभ पहुँचाना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ इसी सोच का परिणाम है।”

Leave A Reply

Your email address will not be published.