एमडी पीसी ध्यानी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस पर पिटकुल में किया गया रक्तदान शिविर का आयोजन

प्रदेश के युवा ऊर्जावान एवं जन-जन के हृदय सम्राट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस को जन सेवा के रूप में मनाते हुये पिटकुल में ‘स्वैच्छिक रक्तदान शिविर’ का आयोजन किया

horizontal 1

देहरादून। पिटकुल के मीडिया प्रभारी अशोक कुमार जुयाल ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि आज  उत्तराखण्ड के युवा, ऊर्जावान एवं यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस को जन सेवा के रूप में मनाते हुये पिटकुल में ‘स्वैच्छिक रक्तदान शिविर’ का आयोजन किया गया, जिसमें रिकार्ड 190 कार्मिकों द्वारा रक्तदान किया गया। इस अवसर पर पिटकुल के प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी द्वारा मुख्यमंत्री  को जन्म दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गयी एवं उनके दीर्घायु होने की कामना की गयी।

इस अवसर पर सामाजिक दायित्वों की पूर्ति हेतु  प्रबन्ध निदेशक के निर्देशन में पिटकुल द्वारा  स्वैच्छिक रक्त दान (महादान) शिविर का आयोजन किया गया। प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी , निदेशक (परिचालन) जी0एस0 बुदियाल एवं कम्पनी सचिव अरूण सभरवाल द्वारा सर्वप्रथम ब्लड सेन्टर के डाॅक्टर, पी0आर0ओ0 एवं अन्य सहयोगी स्टाॅफ को फूलों की कलियाँ देकर उनका स्वागत किया गया।

इसके उपरान्त प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी द्वारा कार्मिकों को सम्बोधित करते हुये कहा गया कि रक्तदान महादान होता है तथा जहाँ एक ओर हम रक्तदान करके दूसरों का जीवन बचाते हैं तो दूसरी ओर अपने शरीर को बीमारियों से भी बचाते हैं। आज के इस युग में लोगों को हो रही गम्भीर बीमारियों के चलते रक्त की अतिआवश्यकता होती है, वहीं दूसरी ओर हाॅस्पिटलों में रक्त की कमी होती है, जिस कारण हमें रक्तदान करना अति आवश्यक है। कार्यक्रम में प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी द्वारा सभी कार्मिकों को रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया गया। इसके साथ ही रक्त दान शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी को बधाई एवं शुभकामानें दी गई।

प्रबन्ध निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि पिटकुल के कार्मिक सदैव अपने सामाजिक दायित्वों की पूर्ति हेतु हमेशा तत्परता के साथ खड़े रहते हैं तथा इसका एक उदाहरण आज का स्वैच्छिक रक्तदान शिविर है, जिसमें उनके दिये गये नारे ‘‘सब के लिये एक, एक के लिये सब’’ को यथार्थ करते हुये पिटकुल के कार्मिकों द्वारा इस भारी वर्षा एवं आपदा के मौसम में अपने-अपने तैनाती स्थानों जिनमें दुर्गम क्षेत्र भी सम्मिलित हैं यथा सिमली, कर्णप्रयाग, खन्दूखाल, श्रीनगर, रूड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी, काशीपुर इत्यादि जगहों से यात्रा करते हुये इस स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में प्रतिभाग किया एवं अपने समाजिक दायित्वों की प्रतिपूर्ति की गयी।

 

इस अवसर पर पिटकुल के निदेशक (परिचालन) जी0एस0 बुदियाल एवं कम्पनी सचिव अरूण सभरवाल द्वारा भी अपने विचार रखे गये एवं रक्तदान में प्रतिभाग करने वाले कार्मिकों को बधाईयां दी गयी एवं साथ ही अन्य कार्मिकों से भी इन कार्मिकों से प्रेरणा लेने हेतु भी कहा गया।
मंच का संचालन करते हुये उपमहाप्रबन्धक (मा0सं0) विवेकानन्द द्वारा अवगत कराया गया कि  मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी के निर्देशन में पिटकुल विगत तीन वर्षों से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन कर रहा है जिसमें पिटकुल के कार्मिकों द्वारा हर वर्ष बढ़-चढ कर हिस्सा लेते हुए अधिक से अधिक रक्तदान किया गया तथा गत वर्ष कुल 146 कार्मिकों द्वारा रक्तदान किया गया था। शिविर में कार्मिकों द्वारा अत्यधिक उत्साहपूर्वक रक्तदान किया गया, जिसमें पिटकुल के कारपोरेट, गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्रों के कार्मिकों द्वारा स्वेच्छा से भारी संख्या में प्रतिभाग किया गया तथा इस वर्ष शिविर में कुल रिकार्ड 190 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ है।

 

इस अवसर पर मुख्य अभियन्ता अनुपम सिंहश्री पंकज कुमार, अधीक्षण अभियन्ता ए0के0 सिंह, उपमहाप्रबन्धक (मा0सं0) विवेकानन्द, अधिशासी अभियन्ता राकेश बिजल्वाण,  हिमांशु बालियान,  लक्ष्मी प्रसाद पुरोहित,  सतेन्द्र रावत,  दीपेश रोहिला,  राजीव सिंह,  राजेश गुप्ता,  राजवीर सिंह,  सुशील कुमार, सहायक अभियन्ता देवेन्द्र मलिक,  हिमांशु डोभाल,  शीशुपाल,  अभिषेक, अनीता मेहरा, सहायक लेखाधिकारी अविनाश चमोली, प्रमोद जोशिया अवर अभियन्ता प्रियंका रोहिला,  अजय रावत,  राजेश शर्मा,  अनुज,  संजय, कार्यालय अधीक्षक-द्वितीय नरेन्द्र बिष्ट, कार्यालय सहायक प्रथम इमरान खान, तकनीशियन ग्रेड-द्वितीय भूपेन्द्र बिष्ट, ऋषिपाल,  हेमन्त सिंह, एवं संविदा कार्मिक  राहुल,  आशु,  मोहित गुसांई,  आशा बिष्ट,  मोहित सोंलकी,  नवीन शर्मा,  राजेश नेगी इत्यादि कार्मिक उपस्थित रहे। ब्लड सेन्टर की ओर से डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ  उपस्थित रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.