एमडी पी0 सी0 ध्यानी के कुशल नेतृत्व में पिटकुल को मिला प्रेसिडेंट एप्रीसिऐशन अवार्ड

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देहरादून।  पिटकुल के मीडिया प्रभारी अशोक कुमार जुयाल ने बताया कि प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी के निर्देशन में पिटकुल के कार्मिकों द्वारा रक्तदान हेतु दिये गये बहुमूल्य योगदान के लिये आई0एम0ए0 ब्लड बैंक सोसाइटी ऑफ़ उत्तराखण्ड द्वारा विश्व रक्त दाता दिवस के अवसर पर प्रेसिडेंट एप्रीसिऐशन अवार्ड प्रदान किया गया।

प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी के निर्देशन में पिटकुल के कार्मिकों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान में किये जा रहे बहुमूल्य योगदान के लिये आई0एम0ए0 ब्लड बैंक सोसाइटी ऑफ़ उत्तराखण्ड द्वारा विश्व रक्त दाता दिवस के अवसर पर प्रेसिडेंट एप्रीसिऐशन अवार्ड का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उक्त पुरूस्कार को पिटकुल की ओर से बलवन्त सिंह पांगती, अधिशासी अभियन्ता द्वारा ग्रहण किया गया।

पिटकुल के कार्मिकों द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार प्रदेश के युवा, ऊर्जावान एवं हृदय सम्राट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के पावन अवसर पर पिटकुल के प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी के निर्देशन में पिटकुल के कार्मिकों द्वारा सामाजिक दायित्वों की पूर्ति हेतु विगत वर्षों से आई0एम0ए0 ब्लड बैंक के सहयोग से एक स्वैच्छिक रक्त दान (महादान) शिविर का आयोजन किया जाता रहा है। पिटकुल के कार्मिकों द्वारा वर्ष 2022 में 93 यूनिट, वर्ष 2023 में 136 यूनिट तथा वर्ष 2024 में पिटकुल के कार्मिकों द्वारा नया कीर्तिमान बनाते हुये 146 यूटिन रक्तदान किया गया।

देश के दूरदृष्टा एवं जन-जन के हृदय सम्राट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के युवा, ऊर्जावान एवं हृदय सम्राट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी रक्तदान को महादान बताते हुये प्रदेश के युवाओं से आह्वाहन किया जाता रहा कि सभी स्वस्थ युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए, जिससे जरूरतमंद व्यक्ति को समय से मदद मिल सके तथा उसकी जीवन की रक्षा की जा सके।

इस अवसर पर पिटकुल के प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी द्वारा आई0एम0ए0 ब्लड बैंक को धन्यवाद प्रेषित करते हुये सभी कार्मिकों एवं विशेष रूप से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में बढ-चढ कर प्रतिभाग करने वाले स्क्तदाताओं की प्रशंसा करते हुये शुभकामनाएं प्रेषित की गयी एवं कहा गया कि रक्तदान एक महादान है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार समाजिक दायित्वों की पूर्ति के लिये सभी कार्मिकों को स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिये।

उनके द्वारा कहा गया कि आये दिन गम्भीर बीमारियों तथा दुर्घटनाओं के चलते चिकित्सालयों में मरीजों को रक्त की आवश्कता होती रहती है तथा यदि समाज का प्रत्येक स्वस्थ्य व्यक्ति सामजिक दायित्व समझकर रक्तदान करता है तो निश्चित रूप से किसी भी चिकित्सालय अथवा ब्लड बैंक में रक्त की कमी नहीं होगी तथा किसी मरीज का जीवन बचाया जा सकता है।

 

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