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देहरादून। आज उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय कार्यालय में दल के पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने कहा की उत्तराखंड नौकरशाहों की ऐशगाह बनकर रह गया है। नेता और नौकरशाह गठजोड़ बना कर उत्तराखंड को लूट रहे हैं। यहां पर जो भी अधिकारी मुख्य पदों पर आसीन हो रहे हैं l उनमें से अधिकतर अधिकारी जमकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं को राज्य की मूल भावना से कोई लेना देना नहीं है। वह राज्य को गर्त में डालकर अकूत संपत्ति जमा कर रहे हैं इसी चरण में हाल में ही सेवानिवृत्त पूर्व मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने राज्य में जमकर भ्रष्टाचार किया है, उन्होंने कई नामी और भी बेनामी संपत्ति अर्जित कर ली है उत्तराखंड क्रांति दल को एक सच्चे उत्तराखंडी ने सूचना साझा करते हुए पूर्व मुख्य सचिव ओम प्रकाश की संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराया है और उक्रांद से इस लड़ाई को लड़ने के लिए अपेक्षा और विश्वास किया है l उत्तराखंड क्रांति दल जनता का अपना दल है हम अपने को गौरवान्वित महसूस करते हैं जब कोई किसी लड़ाई को लड़ने में असफल होता है तो वह उक्रांद को याद करता है और उक्रांद जनता की आवाज को बुलंद कर आंदोलन शुरु करता है। जनता यह भी जानती है कि उक्रांद दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आर -पार की लड़ाई लड़ता है।
इसी क्रम में दल के निवर्तमान केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि इस मामले को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा ताकि उत्तराखंड के भ्रष्ट नौकरशाहों को स्पष्ट संदेश मिल सके की पैसे और दौलत की हवस का रास्ता केवल जेल है उत्तराखंड में घोटाले अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होंगे इसी क्रम में कल दिनांक 22-6- 2022 को समय 12:00 निदेशक सतकर्ता , उत्तराखंड 14 -कारगी ग्रांट, देहरादून को पूर्व मुख्य सचिव ओम प्रकाश और उनके सहयोगियों की संपत्ति का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा और राज्य सरकार से मांग की जाएगी कि वह स्वयं इस मामले की जांच करने के आदेश पारित करें। क्योंकि उत्तराखंड के प्रत्येक व्यक्ति की नजर में ओम प्रकाश भ्रष्टतम अधिकारियों में शुमार रहे हैं . इस मामले में पहले सतकर्ता कार्यालय मे उक्रांद, पूर्व मुख्य सचिव ओमप्रकाश की संपत्ति का विवरण उपलब्ध कराएगा। उसके बाद 100% जांच निर्णय के लिए क्रमबद्ध चरण में आंदोलन के लिए रणनीति बनाई जा रही है।
उक्रांद राज्य सरकार से मांग करता है कि वह इस मामले में तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश पारित करने का कष्ट करेंगे, क्योंकि अब तक उत्तराखंड की राज्य सरकार सीधे तौर पर भ्रष्ट अधिकारी को जेल के सलाखों के पीछे भेजने में नाकाम रही है. उत्तराखंड सरकार को उत्तर प्रदेश और पंजाब की सरकारों के तर्ज पर भ्रष्टाचार के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश जिन उत्तराखंड के जिन नौकरशाहों के रिश्तेदारों और उनके खिलाफ जांच गतिमान है उनको तत्काल प्रभाव से पद मुक्त कर जांच एवं जांच को तीव्र कर ठोस निर्णय करने चाहिए। प्रेस वार्ता में निवर्तमान केंद्रीय महिला अध्यक्ष प्रमिला रावत, कार्यकारी महानगर अध्यक्ष किरन रावत कश्यप, लतापत हुसैन, अशोक नेगी , देवेंद्र चमोली, बिपिन रावत, सुमित डंगवाल आदि उपस्थित थे।