गोपेश्वर। पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को अब जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए कोषागार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पेंशनर्स घर बैठे डिजिटल माध्यम से अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए चमोली जिले में एक से 30 नवम्बर तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान-5 संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत जिले के सभी कोषागार एवं उपकोषागारों में पेंशनर्स को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डीएलसी) बनाने और ऑनलाइन जमा करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पेंशनर्स को इसकी व्यावहारिक जानकारी देने के साथ स्वयं प्रमाण-पत्र तैयार करने का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
मुख्य कोषाधिकारी राजीव कांत ने बताया कि निदेशालय कोषागार, पेंशन एवं हकदारी उत्तराखंड के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पेंशनर्स को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना और जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
उन्होंने बताया कि डिजिटल सुविधा से विशेषकर बुजुर्ग पेंशनर्स को राहत मिलेगी। उन्हें प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए बार-बार कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। इससे समय और आवागमन दोनों की बचत होगी तथा प्रक्रिया भी अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।
मुख्य कोषाधिकारी ने जिले के सभी पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशनर्स से अभियान का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स अपने नजदीकी कोषागार या उपकोषागार में पहुंचकर डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनाने का प्रशिक्षण और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।