भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त जी के 139वें जन्म दिवस के अवसर पर प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी के नेतृत्व में पिटकुल में किया गया कार्यक्रम आयोजित
देहरादून। पिटकुल के मीडिया प्रभारी अशोक कुमार जुयाल ने बताया कि शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में ‘‘भारत रत्न’’ पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त जी के 139वें जन्म दिवस के शुभ अवसर पर दिनांक 10 सितम्बर, 2026 को पिटकुल मुख्यालय पर प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी द्वारा सर्वप्रथम ‘‘भारत रत्न’’ पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त जी के चित्र का अनावरण करते हुए माल्यार्पण किया गया तथा पुष्पांजलि अर्पित करते हुये भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त जी को नमन करते हुये अपनी कृतज्ञता व्यक्त की गयी तथा इस पावन दिवस पर सभी कार्मिकों को शुभकामनाएं प्रेषित की गयी। इसके पश्चात मुख्यालय भवन में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भारत रत्न पंडित श्री गोविन्द वल्लभ पन्त जी को पुष्पांजलि अर्पित की गयी।
इस शुभ अवसर पर प्रबन्ध निदेशक पी0सी0 ध्यानी द्वारा भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त के जीवन के पहलुओं का अनुस्मरण करते हुए अवगत कराया गया कि पन्त जी एक महान स्वतंत्रता सैनानी एवं कुशल राजनीतिज्ञ थे साथ ही एक निडर और कुशाग्र वकील भी रहे। प्रबन्ध निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि गोविन्द वल्लभ पन्त जी का स्वतंत्रता संग्राम में अह्म योगदान रहा, एक और जहाँ उनके द्वारा गाँधी जी के असहयोग आन्दोलन, नमक सत्याग्रह एवं भारत छोड़ो आन्दोलन में प्रतिभाग किया और जेल गये, वहीं दूसरी ओर काकोरी काँड के क्रान्तिकारियों का मुकदमा भी लड़ा।
इसके साथ ही प्रबन्ध निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि पंडित विन्द वल्लभ पन्त जी का जन्म 10 सितम्बर 1887 को उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के खूंट गाँव में हुआ था तथा उनका जीवन संघर्षशील रहा तथा उनका व्यक्तित्व दृढ निश्चय एवं आदर्श चरित्र वाला था। कठिन परिस्थितियों में भी अपने दृढ निश्चय एवं आदर्श चरित्र के कारण ही उनके द्वारा अल्मोड़ा जिले के खूंट गाँव से सूदूर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक एवं वकालत की पढाई की तथा उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं देश के गृहमंत्री के पद पर आसीन होने का गौरव प्राप्त किया। पंडित श्री गोविन्द वल्लभ पन्त जी द्वारा उक्त पदों पर रहते हुये अनेक सामाजिक सुधार के कार्य किये गये तथा राज्यों के पुर्नगठन एवं हिन्दी को अधिकारिक भाषा को मान्यता देने के सम्बन्ध में उत्कृष्ट कार्य किये गये। राष्ट्र सेवा एवं उत्कृष्ट कार्यों को दृष्टिगत रखते हुये भारत सरकार द्वारा उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान ‘‘भारत रत्न’’ से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0 ध्यानी द्वारा उत्तराखण्ड के युवा, ऊर्जावान एवं प्रबन्ध विशेषज्ञ माननीय मुख्यमंत्री धामी का विशेष धन्यवाद दिया गया, जिनके द्वारा राज्य के एक महान स्वतंत्रता सैनानी एवं कुशल राजनीतिज्ञ एवं कुशाग्र वकील जैसी महान शख्सियत एवं ‘‘भारत रत्न’’ पंडित श्री गोविन्द वल्लभ पन्त जी का जन्मदिवस समारोह मनाने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक द्वारा सभी कार्मिकों को ‘‘भारत रत्न’’ पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुये उनके जीवन मूल्यों, आदर्शो, चरित्र एवं दृढ निश्चय का अपने जीवन में अनुकरण करते हुये आत्मसात करने तथा उनके जीवन चरित्र से अपने बच्चों को अवगत कराने का आह्वाहन किया गया।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक द्वारा कार्मिकों को सम्बोधित करते हुये सभी कार्मिकों सकारात्मक सोच के साथ काम करने हेतु प्रोत्साहित करते हुये ‘‘Always be Positive, Think Positive, Do Positive Than You will get the result Positive ’’ तथा ‘‘कर्म ही पूजा है तथा कर्म ही हमारा सौन्दर्य है’’ नारा दिया गया।
इस अवसर पर अशोक कुमार जुयाल, महाप्रबन्धक (मा0सं0) द्वारा ‘‘भारत रत्न’’ पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त के जीवन परिचय एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर पिटकुल के मुख्य अभियन्ता स्तर-1, ईला चन्द, मुख्य अभियन्ता, हितेन्द्र सिंह ह्यांकी, अनुपम सिंह, जितेन्द्र चतुर्वेदी, मन्त राम, पकज कुमार, महाप्रबन्धक (वित्त) मनोज कुमार, कम्पनी सचिव अरूण सभरवाल, उपमहाप्रबन्धक (वित्त) शालू जैन, उपमहाप्रबन्धक (मा0सं0), विवेकानन्द, अधीक्षण अभियन्ता कार्तिकेय दुबे, राजकुमार, ललित कुमार, सूर्य प्रकाष आर्य, अविनाश अवस्थी, प्रमोद कुमार ध्यानी, सायमा कमाल, अधिशासी अभियन्ता मीनाक्षी भारती, मुकेश चन्द्र बड़थ्वाल, सतेन्द्र सिंह रावत, सन्दीप कुमार रवि, लेखाकार भारत सिंह एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।